
Song
V.A
Ram Katha By Morari Bapu Ahmedabad, Vol. 12, Pt. 2

0
Play
Download
Lyrics
Uploaded by86_15635588878_1671185229650
एक माइनों केम गयो कोई ने खबर भूख तरस ऊंग बदू भुला गयो और चौक तमने बहुत हरक थाई तब जो तम सूरी नोश है कोई योग प्रसंग बनी जाए अती हर्ष थाई गया है तो सो नहीं पाओगा इतलो वेदो आनंद आये तो भूख न लागे तरस न लागे
नारी नरभ्रम लोको इतला विदा हर्ष मा दुबेला जाए केने समय नुभान नहीं रही वाई सीधी वाई
आज कल युग मा आपने कथा कही और साबड़िये तो आपना त्रन कला केम पुरा थाई जाए नव दिवस केम पुरा थाई जाए
ये जो आज कल युग मा आपने खबर न रहती होई तो साक्षात राम प्रक्या होई के अरे तो स्वाभाविक से मसुखो को
ब्रह्मानंद मा लोगो डूबेला आ मर्मने कोई जानी शेक्या नहीं एक मैना ना अंते जाने सुरिय नारायन भगवान ना गुणगा अंतरता करता आसता चल कोई चले
आ मयोध्या आनंद अने भाव नींद्र डूबेली से शंकर भगवान कैलास्त में शिखर ऊपर थी कथा के एता कहे देवी एक अमारी चोरी सांबड़ो एक अमारी गुप्त बात सांबड़ो गीरी जा एक सुना हूँ नीज चोरी एक अमारी छुपी बात
महाराज आपने चोरी नुलिया देवी राम जी नो जन्मत हैव त्यारे ये उत्सव ना दर्शन करवा भगवान ना दर्शन करवा माटे हूँ अने काग भुशन ली जी अयुध्या बेर
मनुष्य ना रूप लिधा पड़ देवी अमने कौन दर्बार मा राजभवन मा कौन जवा ले इतली बदी गिर्दी पत्थर रजकण बनी गए आत्लो लोको नो पग नो धसारो अने यमां बन्नी जन अमें अजान्य मानसो यम तो क्यावाई नहीं कि उम कैलास पती जूँ
तुम्हारे ने नजर लागे हमारी माताओं ने ते आटली उम्रे पुत्र जन्म थयोजे तमारु शुद्ध नक्ति पौन से दक्को माली मार का पोई अंदर प्रवेश न करवा देवी अमें एक युक्ति करें मैं वृद्ध ब्रामन न रूप लिधू काग भुषंडी ने
आबाद फीट था कि तम दम्मत इतने ही साधना करो पर अंत मुलाकात तब होती है जब माली को बुलाए जब वह आवाज दे जब वह न्योतालि मन प्रण कर दो और शार्थ की एक सीमा है वहां तक साधक पहुंच पाता है बाद में तो वही कुरुपा छलांग लगाती है �
वही अनुग्रह कूजता है साधक को सीने से लगाने के लिए भगवान का एक यूपती करे तो था शीव ने दुशंड जी भगवान नी स्तुती करवा लगया कि माराज आमतों अमार उलखान पाई नहीं लोको अंधरावा देता नहीं तमें का एक यूपती करो ने अमारो �
जो मिल बैसी जाएंद्रावान भगवान सरवज्ञ शिव जी आगा जाएं भगवान ने थाइव अत्यार बाल लिला करूँ जो बालक ना रूप मा जो मारा थे कहीं बोलाई ने बिजू तो कहीं एकदम बालक ने प्रमाने जो वर्तू पड़े शिशु लिला जो करवी पड�
तो शिशु लिला में तो बिजू सू थाए भगवान रड़वा माँडे खूब रड़ेचा मा समझाम रमाड़े गणू करे पड़े एकलू बदू भगवान रड़े के न पूछे ने अने साचु रड़े ने अने शांत करी शकाये जे खोटू रड़े अने तेम शांत ब�
अध्याज प्रयासों निष्पर्थ बहुत रूर हैं प्रभु वैदो हकीमों बदा जाया शुरु थयू बाड़क ने बदा बहुत दुखी थे बदा तपास करवा लाया बदा कवसल्याजी ने ठपको आपपा ला गया तमें ध्यान जराइखो न दिया तला बदा मांस वा
आवे आमा कौनी केवी नजर होई कौने खबर तमारे लाल नु ध्यान राखू जो ये कोई ने नजर लागी गई ऐसे कोई एक एक मंत्र जंत्र करीओ ऐसे कोई काई करीओ ऐसे बदा बहुत ठपको आपेश कवसल्याजी ने आख में आसू राम बहुत रूर हैं दशरत जी
आऊँस थे आमे कह्यो वीम आ रहे थे काई जानौच हो वोले तामशो गोश समर्च काफी नक्षक Οन्हारी राज कुमार ने कौनी के दर लागी गई थे कोईवे कारी नक्षकोे नजर की वंधका सुने रात रियलती है और उठ्य नंतर जन्त्र भी वाली शाबी से दो आय�
जागी हो तो यहां सुधारों करवाना है तो तुम्हें अंदर आओ बोले मंत्र जंत्र नी वात जो नहीं तमारा राजकुमार ने
तमारा राजकुमार ने रड़तों बनते हुए सेव को यह राजभवन में बात करी तो सनमान साथ रवेश में बुशंडी शिष्य बिनाच शिव जी कव पीछे चले आना वैदराज शिव जी बिनाच वरद्ध ब्राह्मण रूप लिदू छे बुशंडी जी पाछव गया आ
शिव जी ने आँख में आसवा गया समग्रविष्व ने गोद में राखनार हे परमेश्वर आ माँ ये यहाँ क्या कुई नहीं करिया कि तु एक गोद माँ खेवे राम नु दर्शन करियो राम जी ए शिव ने जोया शिव ए राम ने जोया अने चार आँख जा मड़ी न�
नजर ने मुलाकात करली और रहे दोनों खामोश और बात कर ली
दोनों ने खुछ बात चित कर लिया उगा विशाVISA राम जी रंवा लागया स ост भाँ ला लागया ऐनु रडवानु बंद थहेलू ने शिव जी रडवाने की
खात्री थे गई कि महात्मा बहु महान
चे एने मारा बालक नु रुदन पोताना
उपर लोई तो सल्या जी बहुत
आभारवश्ट है आजे कहूँ महाराश्री
आपे बहु मोटु काम करूँ मारा बालक
नु रुदन शांत करावी देते
क्यार नु रड़े चे तारत
आपे बहु क्रपा करें
शिव जी ये कहूँ मा
अजी तो मैं खाली सामे जोई हूँ से
पर तमारा बालक ने मारा खोड़ा मा
मारी गोद मा आपो तो जिन्दगी मा क्यारे रड़े नहीं यूँ करें
कुछले अजी न थायू आ प्रयोग करवा मा बहु आंधो नहीं
अन्तेथि यमने राम स्वरू शिव जी ने गोद मा आतुन छे
भगवान शंकर ना खोड़ा मा राम जी नु रूप आवता
शंकर जी ने समाधि लागे
अहम्नी
भगवान शंकर ना खोड़ा मा राम स्वरू शिव जी ने गोद मा राम स्वरू शिव जी ने गोद मा राम
शिवोहम शिवोहम शिवोहम स्वरू शिवोहम स्वरू
शिवोहम शिवोहम शिवोहम स्वरू
शांत ठया जागरु थया कउसल्या जी पुनः गोद मा थी लेजिदा राम ने
अने भुलेव मानी शिव जी ने कहो बाबजी
आप एक बहु कुरपने
अब आप आतला बिदा सिद्ध महाफुरुष छो तो एक विनंती मारा बालक ना हाथपुद ने रेखा जोए जोए बताओ ने आप बालक तो नु भाग्य क्यों जोए शंकर जी चेहरो जोए जोए जो मा पहला तो एक बताओ ने आप पुत्र तमारा कूल ने धन्य बनावी �
मा तमारा पुत्र नु नाम लै लोकों पुरत कुरत की बन से
मा तमारा रघुवाउश ने उजागर करी देशे चार चांदने बार आशी
अना मंदीरो बंधाशे ये आर्थियो उतरशे लोको ये कथा नु गुनदान करी और जीवन नु दर्शन कर जे
वो दशरत जी माता वो बदा खुश था
पर मा ये ना चरण नी रेखा जोता ये में लागे थे
कि आ बालक ना जीवन मा यात्रा नो योग बहुँ से
और फरवु बहुँ पर से
ठीक है
और मा एक वात खास
आ पुत्र राज कुमार यानी कुमार अवस्था में आवशे
तेरे तमारी योध्या में एक घटना बनशे
एक महत्मा आवशे
और ए महत्मा तमारा राज कुमार नी मामनी करश
और तमारा पुत्र ने लाइज़ा शे
सल्याजी ने एकतम रदाई में लागी आयू, महाराज आप सू बोलो, महत्मा आविन मारा कुमार ने लही जसे, गोले हाँ, एवं लागे, महाराज आउ नहीं जोओ, बदू सारू जोओ, तमने दक्षिना ओची थती हो, तो वधारे आपको बाके तो ना आपको, गोले माँ �
दक्षिना माटे नाती जोता हो, हगीखा चे, पन सांबर, वात्तु पूरी सांबर, पर महत्मा आविसे, तमारा राजकुमार ने मांगणी करसे, तमारे आपो पडसे, तमारा कुमार ने लही ने, महत्मा जसे, पची तमारो राजकुमार एक महान कन्या ने परणीन आविस
जो पुत्र बदू तमारा पूर नगी पावश सच बोले हां तो आगे देखिए आओ जो थवा नुआई तो बढ़ा रहा है एक प्रश्न पूछो
नहीं तो जैम जैम उम्मर बच से उम्रेखा पूछे पची इन्हां माटे कई निरणय करी शकाया त्यारे निरणय बहुत बहलों से भगवान मनमा मनमा हसे कि ठीक आप कह रहे हैं जोतिशी हरी हर का कितना फ्यारा मिलन रहा होगा बैकार हम लोग दोनों को बिलक कर रहे हैं सं
शिव जी आया है अकिकत अने व्रज मां तो गोपेश्वर शिव पूजा है अब बद्दू जाने चका है तो लोकों बन्ने मां अच्छी तकलिफ जुबे विरोध जुबे शिव थी दूर हटे शिव थी नाराजगी भोगवे एनाव पर कृष्ण ने कोई पादरश्टी न
चीज़ वस्तवावियना पोटलाले बन्ने जणा निकला छे गामने बाहर जाई ब्रामनों ने बिदू आपी दिदू शिव जी अनुभव कहाया छे देवी
एक एक योजन ने अंदर चार चार दाव ने अंदर चारे बाजू माया नो एक पण असर न थी माया ने प्रपंच ने एक वाद पण प्रवेश करी शक्ती थी आटलू भजन बाल छे महापुरुष थान छोड़ता ज न थी फक्त एक वार स्थान छोड़े छे त्रेतायु�
मान ते अयुद्या जायी चे राम जन्म नादर्शन करवा माते है पाँच बरस सुधी त्यार रहे ज तयो उनलेश माई की
तज़वुन तन मिज इच्छा मरना तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
त्यागर दर तुरुपती शक्य नहीं है। कहीं भी अपना जीवन मां त्याग वृति निर्मान न थाए त्यां सुदी तुरुपती ने कोई अवकाश न थाए। बिल्कुर सही सुत्र लगता है। आ बालक नु नाम लिवा थी जगत नी तुरुपती थाशे। धन्यवार्�
दुनिया माती अनु नाम भरत सभाई नाम नो पण जैजे कार करो। बोलिये भरत लाल जी महराजी की जैजे। श्री भरत जी नाम राखियो जे। अने हवे सुमित्रा ना बे पुत्रों एमा सवती नाना पुत्र नु नाम प्रथम कहिव जे। छले लक्ष्मन जी नो नाम
श्री भारत जी ने उनाका। गासे सुनी जानु तेरी उनाका। गासे सुनी जानु तेरी उनाका। नामो शत्तुःहान देद प्रकासा।
पाबे दंदता साई विश्व भरन पोशन कर जोई
पाबे दंदता साई विश्व भरन पोशन कर जोई
पाबे दंदता साई विश्व भरन पोशन कर जोई
नारी नरभ्रम लोको इतला विदा हर्ष मा दुबेला जाए केने समय नुभान नहीं रही वाई सीधी वाई
आज कल युग मा आपने कथा कही और साबड़िये तो आपना त्रन कला केम पुरा थाई जाए नव दिवस केम पुरा थाई जाए
ये जो आज कल युग मा आपने खबर न रहती होई तो साक्षात राम प्रक्या होई के अरे तो स्वाभाविक से मसुखो को
ब्रह्मानंद मा लोगो डूबेला आ मर्मने कोई जानी शेक्या नहीं एक मैना ना अंते जाने सुरिय नारायन भगवान ना गुणगा अंतरता करता आसता चल कोई चले
आ मयोध्या आनंद अने भाव नींद्र डूबेली से शंकर भगवान कैलास्त में शिखर ऊपर थी कथा के एता कहे देवी एक अमारी चोरी सांबड़ो एक अमारी गुप्त बात सांबड़ो गीरी जा एक सुना हूँ नीज चोरी एक अमारी छुपी बात
महाराज आपने चोरी नुलिया देवी राम जी नो जन्मत हैव त्यारे ये उत्सव ना दर्शन करवा भगवान ना दर्शन करवा माटे हूँ अने काग भुशन ली जी अयुध्या बेर
मनुष्य ना रूप लिधा पड़ देवी अमने कौन दर्बार मा राजभवन मा कौन जवा ले इतली बदी गिर्दी पत्थर रजकण बनी गए आत्लो लोको नो पग नो धसारो अने यमां बन्नी जन अमें अजान्य मानसो यम तो क्यावाई नहीं कि उम कैलास पती जूँ
तुम्हारे ने नजर लागे हमारी माताओं ने ते आटली उम्रे पुत्र जन्म थयोजे तमारु शुद्ध नक्ति पौन से दक्को माली मार का पोई अंदर प्रवेश न करवा देवी अमें एक युक्ति करें मैं वृद्ध ब्रामन न रूप लिधू काग भुषंडी ने
आबाद फीट था कि तम दम्मत इतने ही साधना करो पर अंत मुलाकात तब होती है जब माली को बुलाए जब वह आवाज दे जब वह न्योतालि मन प्रण कर दो और शार्थ की एक सीमा है वहां तक साधक पहुंच पाता है बाद में तो वही कुरुपा छलांग लगाती है �
वही अनुग्रह कूजता है साधक को सीने से लगाने के लिए भगवान का एक यूपती करे तो था शीव ने दुशंड जी भगवान नी स्तुती करवा लगया कि माराज आमतों अमार उलखान पाई नहीं लोको अंधरावा देता नहीं तमें का एक यूपती करो ने अमारो �
जो मिल बैसी जाएंद्रावान भगवान सरवज्ञ शिव जी आगा जाएं भगवान ने थाइव अत्यार बाल लिला करूँ जो बालक ना रूप मा जो मारा थे कहीं बोलाई ने बिजू तो कहीं एकदम बालक ने प्रमाने जो वर्तू पड़े शिशु लिला जो करवी पड�
तो शिशु लिला में तो बिजू सू थाए भगवान रड़वा माँडे खूब रड़ेचा मा समझाम रमाड़े गणू करे पड़े एकलू बदू भगवान रड़े के न पूछे ने अने साचु रड़े ने अने शांत करी शकाये जे खोटू रड़े अने तेम शांत ब�
अध्याज प्रयासों निष्पर्थ बहुत रूर हैं प्रभु वैदो हकीमों बदा जाया शुरु थयू बाड़क ने बदा बहुत दुखी थे बदा तपास करवा लाया बदा कवसल्याजी ने ठपको आपपा ला गया तमें ध्यान जराइखो न दिया तला बदा मांस वा
आवे आमा कौनी केवी नजर होई कौने खबर तमारे लाल नु ध्यान राखू जो ये कोई ने नजर लागी गई ऐसे कोई एक एक मंत्र जंत्र करीओ ऐसे कोई काई करीओ ऐसे बदा बहुत ठपको आपेश कवसल्याजी ने आख में आसू राम बहुत रूर हैं दशरत जी
आऊँस थे आमे कह्यो वीम आ रहे थे काई जानौच हो वोले तामशो गोश समर्च काफी नक्षक Οन्हारी राज कुमार ने कौनी के दर लागी गई थे कोईवे कारी नक्षकोे नजर की वंधका सुने रात रियलती है और उठ्य नंतर जन्त्र भी वाली शाबी से दो आय�
जागी हो तो यहां सुधारों करवाना है तो तुम्हें अंदर आओ बोले मंत्र जंत्र नी वात जो नहीं तमारा राजकुमार ने
तमारा राजकुमार ने रड़तों बनते हुए सेव को यह राजभवन में बात करी तो सनमान साथ रवेश में बुशंडी शिष्य बिनाच शिव जी कव पीछे चले आना वैदराज शिव जी बिनाच वरद्ध ब्राह्मण रूप लिदू छे बुशंडी जी पाछव गया आ
शिव जी ने आँख में आसवा गया समग्रविष्व ने गोद में राखनार हे परमेश्वर आ माँ ये यहाँ क्या कुई नहीं करिया कि तु एक गोद माँ खेवे राम नु दर्शन करियो राम जी ए शिव ने जोया शिव ए राम ने जोया अने चार आँख जा मड़ी न�
नजर ने मुलाकात करली और रहे दोनों खामोश और बात कर ली
दोनों ने खुछ बात चित कर लिया उगा विशाVISA राम जी रंवा लागया स ост भाँ ला लागया ऐनु रडवानु बंद थहेलू ने शिव जी रडवाने की
खात्री थे गई कि महात्मा बहु महान
चे एने मारा बालक नु रुदन पोताना
उपर लोई तो सल्या जी बहुत
आभारवश्ट है आजे कहूँ महाराश्री
आपे बहु मोटु काम करूँ मारा बालक
नु रुदन शांत करावी देते
क्यार नु रड़े चे तारत
आपे बहु क्रपा करें
शिव जी ये कहूँ मा
अजी तो मैं खाली सामे जोई हूँ से
पर तमारा बालक ने मारा खोड़ा मा
मारी गोद मा आपो तो जिन्दगी मा क्यारे रड़े नहीं यूँ करें
कुछले अजी न थायू आ प्रयोग करवा मा बहु आंधो नहीं
अन्तेथि यमने राम स्वरू शिव जी ने गोद मा आतुन छे
भगवान शंकर ना खोड़ा मा राम जी नु रूप आवता
शंकर जी ने समाधि लागे
अहम्नी
भगवान शंकर ना खोड़ा मा राम स्वरू शिव जी ने गोद मा राम स्वरू शिव जी ने गोद मा राम
शिवोहम शिवोहम शिवोहम स्वरू शिवोहम स्वरू
शिवोहम शिवोहम शिवोहम स्वरू
शांत ठया जागरु थया कउसल्या जी पुनः गोद मा थी लेजिदा राम ने
अने भुलेव मानी शिव जी ने कहो बाबजी
आप एक बहु कुरपने
अब आप आतला बिदा सिद्ध महाफुरुष छो तो एक विनंती मारा बालक ना हाथपुद ने रेखा जोए जोए बताओ ने आप बालक तो नु भाग्य क्यों जोए शंकर जी चेहरो जोए जोए जो मा पहला तो एक बताओ ने आप पुत्र तमारा कूल ने धन्य बनावी �
मा तमारा पुत्र नु नाम लै लोकों पुरत कुरत की बन से
मा तमारा रघुवाउश ने उजागर करी देशे चार चांदने बार आशी
अना मंदीरो बंधाशे ये आर्थियो उतरशे लोको ये कथा नु गुनदान करी और जीवन नु दर्शन कर जे
वो दशरत जी माता वो बदा खुश था
पर मा ये ना चरण नी रेखा जोता ये में लागे थे
कि आ बालक ना जीवन मा यात्रा नो योग बहुँ से
और फरवु बहुँ पर से
ठीक है
और मा एक वात खास
आ पुत्र राज कुमार यानी कुमार अवस्था में आवशे
तेरे तमारी योध्या में एक घटना बनशे
एक महत्मा आवशे
और ए महत्मा तमारा राज कुमार नी मामनी करश
और तमारा पुत्र ने लाइज़ा शे
सल्याजी ने एकतम रदाई में लागी आयू, महाराज आप सू बोलो, महत्मा आविन मारा कुमार ने लही जसे, गोले हाँ, एवं लागे, महाराज आउ नहीं जोओ, बदू सारू जोओ, तमने दक्षिना ओची थती हो, तो वधारे आपको बाके तो ना आपको, गोले माँ �
दक्षिना माटे नाती जोता हो, हगीखा चे, पन सांबर, वात्तु पूरी सांबर, पर महत्मा आविसे, तमारा राजकुमार ने मांगणी करसे, तमारे आपो पडसे, तमारा कुमार ने लही ने, महत्मा जसे, पची तमारो राजकुमार एक महान कन्या ने परणीन आविस
जो पुत्र बदू तमारा पूर नगी पावश सच बोले हां तो आगे देखिए आओ जो थवा नुआई तो बढ़ा रहा है एक प्रश्न पूछो
नहीं तो जैम जैम उम्मर बच से उम्रेखा पूछे पची इन्हां माटे कई निरणय करी शकाया त्यारे निरणय बहुत बहलों से भगवान मनमा मनमा हसे कि ठीक आप कह रहे हैं जोतिशी हरी हर का कितना फ्यारा मिलन रहा होगा बैकार हम लोग दोनों को बिलक कर रहे हैं सं
शिव जी आया है अकिकत अने व्रज मां तो गोपेश्वर शिव पूजा है अब बद्दू जाने चका है तो लोकों बन्ने मां अच्छी तकलिफ जुबे विरोध जुबे शिव थी दूर हटे शिव थी नाराजगी भोगवे एनाव पर कृष्ण ने कोई पादरश्टी न
चीज़ वस्तवावियना पोटलाले बन्ने जणा निकला छे गामने बाहर जाई ब्रामनों ने बिदू आपी दिदू शिव जी अनुभव कहाया छे देवी
एक एक योजन ने अंदर चार चार दाव ने अंदर चारे बाजू माया नो एक पण असर न थी माया ने प्रपंच ने एक वाद पण प्रवेश करी शक्ती थी आटलू भजन बाल छे महापुरुष थान छोड़ता ज न थी फक्त एक वार स्थान छोड़े छे त्रेतायु�
मान ते अयुद्या जायी चे राम जन्म नादर्शन करवा माते है पाँच बरस सुधी त्यार रहे ज तयो उनलेश माई की
तज़वुन तन मिज इच्छा मरना तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
तन भी मुदेद भगन मरना
त्यागर दर तुरुपती शक्य नहीं है। कहीं भी अपना जीवन मां त्याग वृति निर्मान न थाए त्यां सुदी तुरुपती ने कोई अवकाश न थाए। बिल्कुर सही सुत्र लगता है। आ बालक नु नाम लिवा थी जगत नी तुरुपती थाशे। धन्यवार्�
दुनिया माती अनु नाम भरत सभाई नाम नो पण जैजे कार करो। बोलिये भरत लाल जी महराजी की जैजे। श्री भरत जी नाम राखियो जे। अने हवे सुमित्रा ना बे पुत्रों एमा सवती नाना पुत्र नु नाम प्रथम कहिव जे। छले लक्ष्मन जी नो नाम
श्री भारत जी ने उनाका। गासे सुनी जानु तेरी उनाका। गासे सुनी जानु तेरी उनाका। नामो शत्तुःहान देद प्रकासा।
पाबे दंदता साई विश्व भरन पोशन कर जोई
पाबे दंदता साई विश्व भरन पोशन कर जोई
पाबे दंदता साई विश्व भरन पोशन कर जोई
Show more
Artist

V.A79249 followers
Follow
Popular songs by V.A

Cơ Hội Cuối x Anh Biết Em Không Tin (HL Remix)
WARNER RECORDED MUSIC01:06

Một Đường Nở Hoa / 一路生花
01:47

Chờ Ngày Mưa Tan - Rock Metal Version
03:43

Chú Địa Tạng Vương Bồ Tát
06:00

Đắm Chìm / 沦陷 x Gone Bad (DJ PAW Remix)
03:22

玫瑰少年 / Thiếu niên hoa hồng (Violin DJ version)
04:04

Nhạc Thiền Hòa Tấu
02:11

Có Khi Nào Rời Xa Remix (Kzuy Remix)
00:57

Đáy Biển X Từ Cửu Môn Hồi Ức (Minh Ak Remix)
04:53

Sa Vào Nguy Hiểm x Đáy Biển (Thazh x Đông Remix)
01:00

Uploaded byWARNER RECORDED MUSIC